पचास हजार युवाओ को घर बैठे दिया रोजगार, किसी भी चीनी कंपनी का नहीं लिया सहयोग

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कानपूर के दो युवको ने कोरोना काल में सिर्फ छै महीने में पुरे देश में दे दिया पचास हजार युवाओ को घर बैठे रोजगार किसी भी चीनी कंपनी का नहीं लिया सहयोग

कानपूर में दो युवको ने पीएम मोदी के उस सपने को सचमुच में साकार कर दिया जिसमे उन्होंने कोरोना काल में आपदा को भी अवसर में बदलने का आग्रह देश वासियो से किया था
कानपुर के दो युवकों ने पीएम के इसी स्लोगन को अपने बिजनेस का मूलमंत्र मान लिया कोरोना काल में जब पूरे देश में सारे धंधे बंद पड़े थे इन्होंने अपना एक ऐप बनाकर पूरे देश के 17 राज्यों में 50,000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार दे दिया / इसमें देशहित की सबसे बड़ी भावना ये है की इन्होने अपनी कंपनी में किसी भी चीनी कंपनी को शामिल नहीं किया है न उनका सहयोग लिया है उनको सहयोग दिया है
कानपुर के एल्डिको में यह युवा किसी बड़ी मल्टीनैशनल कंपनी के ऑफिस में नहीं है बल्कि रेडमिल बिजनेस एप के ऑफिस में वर्क कर रहे हैं आपको यह जानकर हैरानी होगी के इन सब युवाओं को ये जॉब इसी उन छै महीनो में मिली है जिसमे पुरे देश में बड़ी बड़ी कम्पनिया छटनी कर रही है जबकि यह इस समय रेड बिल बिजनेस एप कंपनी के ऑफिस में जॉब कर रहे हैं इनके जैसे 50,000 युवा पूरे देश में इस समय रेड बिल बिजनेस एप कंपनी के एजेंट के रूप में रोजगार पा रहे हैं हैरानी इस बात की है इन सब को यह रोजगार कोरोना काल के इन 6 महीनों में ही दिया गया है और इस बेरोजगारी के दौर में जब देश की बड़ी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही थी उस समय कानपूर के दो युवाओं आशीष पालीवाल और सागर ने अपना रेडबिल एप बनाकर देश के युवाओं को रोजगार देकर एक नई पहल स्थापित की इनका कहना है की हम अपनी जॉब छोड़ चुके थे तभी प्रधानमंत्री के आपदा में अवसर स्लोगन से प्रेरणा लेकर हमने सोचा क्यों न कोई ऐसा एप जो लोगो को घर बैठे ही बैंकिंग गैस बुकिंग बिलिंग जैसी सुविधाएं देने वाला रास्ता बन जाए बस हमने ये एप बना डाला जिसमे पहले तो ढाई हजार लोग जुड़े बाद में धीरे धीरे आज 17 राज्यों के पचार हजार से जायदा लोग इस एप से अपना रोजगार कर रहे है हमने इसमें किसी भी चीनी कंपनी का असहयोग नहीं लिया है अपने एप में कसीस चीनी कम्पनी को व्यापार करने की अनुमति नहीं दी है

आशीष पालीवाल रेडमिल एप बनाने वाले हम अपनी जॉब छोड़ चुके थे तभी प्रधानमंत्री के आपदा में अवसर स्लोगन से प्रेरणा लेकर हमने सोचा क्यों न कोई ऐसा एप जो लोगो को घर बैठे ही बैंकिंग गैस बुकिंग बिलिंग जैसी सुविधाएं देने वाला रास्ता बन जाए बस हमने ये एप बना डाला जिसमे पहले तो ढाई हजार लोग जुड़े बाद में धीरे धीरे आज 17 राज्यों के पचार हजार से जायदा लोग इस एप से अपना रोजगार कर रहे है हमने इसमें किसी भी चीनी कंपनी का असहयोग नहीं लिया है अपने एप में कसीस चीनी कम्पनी को व्यापार करने की अनुमति नहीं दी है
 दरअसल कोरोना काल में लाक डाउन के चलते सभी घर बैठे थे लेकिन उनकी जरूरते बरक़रार थी इन दोनों को भी लोगो की जरूरतों के ख्याल से ही ये एप बनाने की प्रेरणा मिली इस एप के मुख्य सूत्रधार सागर का कहना है आज देश की हर बड़ी कंपनी चाहे रिलायंस हो या बड़ी बैंक सब हमारी एप की भागीदार बनी है देश के किसी भी कोने में जब कोई हमारे एप से जुड़ता है तो पहले हम उसकी केवाईसी लेकर उसको एनपीआईसी की मंजूरी के लिए भेजते है जहा से मंजूरी मिलने के बाद ही अहमसे अपना एजेंट बनाते है इसमें रिजर्व बैंक के सारे नियम फॉलो करते है इसके बाद उनको विजनेश करने कीट्रेनिंग देते है इस एप के सहारे लोग अपने इलाके के व् जान परिचित लोगो को बैंकिंग बिलिंग गैस होटल बीमा जैसी दर्जनों सुविधाएं देकर अपना कमीशन पैदा करके रोजगार कर रहे है जिन बड़ी कंपनियों की वो सुविधा अपने लोगो देते है उसका भी कमीशन उनको घर बैठे मिलता रहता है

बड़ी कंपनी चाहे रिलायंस हो या बड़ी बैंक सब हमारी एप की भागीदार बनी है देश के किसी भी कोने में जब कोई हमारे एप से जुड़ता है तो पहले हम उसकी केवाईसी लेकर उसको एनपीआईसी की मंजूरी के लिए भेजते है जहा से मंजूरी मिलने के बाद ही अहमसे अपना एजेंट बनाते है इसमें रिजर्व बैंक के सारे नियम फॉलो करते है इसके बाद उनको विजनेश करने कीट्रेनिंग देते है
रेडमिल एप से जुड़ने वाले युवाओ में सैकड़ो ऐसे है जिनकी कोरोना काल में जॉब छूट गई थी दिल्ली बंगलौर गुड़गांव सिटी के युवा भी जब मज़बूरी में अपने घर लौट कर आये थे तो उनको भी इस रेडबिल कंपनी ने रोजगार का अवसर प्रदान किया है खुद ऐसे युवक युवतियां स्वीकार कर रहे है की इस कंपनी हमें रोजगार संकट के दौर में सहारा दिया है आज वो इस जॉब संकट काल में भी अपनी जॉब रेडमिल में आराम से कर रहे है आज कानपूर में आफिस में गुड़गांव दिल्ली बंगलौर लखनऊ मुंबई जैसे शहरों के तीन सौ युवा रेडमिल में जॉब कर रहे है ये लोग देश भर में फैले अपने पचास हजार एजेंटो को गाइड करके रोजगार की चेन आगे बढ़ा रहे है
अनुभूति श्रीवास्तव जॉब करती मेरा कोरोना के चलते लखनऊ में जॉब छूट गया था ऐसे में उसी दौर में रेडमिल के बारे मुझे पता चला यहां मैंने कांटेक्ट किया जॉब मिला ये मेरे लिए बहुत अच्छा हुआ घर पर रही और जॉब भी कररही हु ये बहुत अच्छा हुआ
 पलक शुक्ला गुड़गांव से जॉब छोड़ने वाले मेरी गुड़गांव में जॉब छूट गई थी तभी इस एप के बारे में जानकारी हुई मैंने रेडमिल एप डाऊनलोड किया आज मै रहा हु मुश्किल दौर में यहां मुझे जॉब मिली
कोरोना से देश में लोगो की मौत तो हुई लेकिन सबसे ज्यादा नुकशान देश वासियो की नौकरियों का हुआ लोग बड़ी बड़ी नौकरियां छोड़कर या निकाले जाने पर अपने घरो में बैठ गए ऐसे में इन दोनों युवाओ ने साबित की इंसान की सोच बड़ी होनी चाहिए मुश्किलों के ब्रेकर उनके सफर लड़खड़ा तो सकते है रोक नहीं सकते सफर का रही मंजिल को पा ही लेता है

ब्यूरो हेड मयंक बाजपेई

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