न्यू इंडिया🇮🇳 को भा रही स्टार्टअप की डगर, युवा बदल सकते हैं तकदीर..

Spread the love

न्यू इंडिया को भा रही स्टार्ट अप की डगर, युवा बदल सकते हैं तकदीर

डॉ. आदित्य कुमार मिश्रा
असिस्टेंट प्रोफेसर
रामा विश्वविद्यालय, कानपुर

भारत की बड़ी ‘जनसंख्या’ रोजगार के लिए हमेशा चुनौती का विषय रही है। कुछ ही पदों पर रोजगार के लिए भर्ती निकलती है, जिसके लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन करना आम बात है। चयनित तो नियत संख्या में सफल हुए अभ्यर्थियों को ही होना है, बाकी बचे अभ्यर्थी कहां जाएंगे? हकीकत यही है कि बड़ी-बड़ी डिग्रियों और योग्यताओं के बावजूद युवाओं के पास रोजगार नहीं है और वे यहां से वहां भटक रहे हैं। कभी खुद को कोस रहे हैं तो कभी सरकार को। घर-परिवार व जमाने के ताने सुनकर वे आए दिन अपमानित होते हैं और कुंठित जीवन जीने के लिए बाध्य हैं। सभी के लिए रोजगार हेतु जनसंख्या पर नियंत्रण बहुत ज़रुरी है लेकिन जनसंख्या नियंत्रण करना किसी एक के हाथ में नहीं है, लेकिन रोजगार का प्रबंध करना हर एक के वश की बात हो सकती है। जरुरत है तो सिर्फ इस दिशा में सही पहल करने की। ‘स्टार्ट अप’ इसी पहल का नाम है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की तरफ से स्टार्ट अप की दिशा में कई योजनाओं का ऐलान किया है, जिसमें युवा अपना कारोबार शुरु कर सकते हैं। युवा अपना कारोबार शुरु करने के लिए विभिन्न बैंकों से लोन भी ले सकते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इन दिनों युवाओं से रोजगार मांगने की बजाय स्टार्ट अप के ज़रिये रोजगार पैदा करने की बात कर रहे हैं।

आदर्श ढूंढें, आईडिया पर काम करें-

युवाओं को रामचरित मानस के सुंदरकांड की ‘का चुप साधि रहेउ बलवाना’ पंक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए। जैसे हनुमान जी के पास अतुलित बल और बुद्धि थी इसके बावजूद वे सीता जी का पता लगाने के लिए आगे नहीं बढ़ रहे थे और जैसे ही जामवंत जी द्वारा उन्हें उनकी शक्तियों की याद दिलायी गयी तो वे ना सिर्फ लंका पहुंचकर सीता जी का पता लगा आए बल्कि रावण की सोने की लंका को जलाकर अपना परिचय भी स्थापित कर आए। आज युवाओं को भी अपनी शक्ति पहचानने की आवश्यकता है। अपना उद्यम शुरु करने में उन्हें देर नहीं करनी चाहिए। जिस भी क्षेत्र में उनकी रुचि है उस क्षेत्र के सफल उद्यमी या व्यवसायी के बारे में पढ़ना चाहिए। अपना आदर्श तलाशना चाहिए। अपने आदर्श से अपनी तुलना करनी चाहिए, समान गुणों से प्रेरित होना चाहिए और अवगुणों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। अपने आईडिया पर जल्द से जल्द शुरुआत करनी चाहिए। किसी जामवंत का इंतजार किये बगैर खुद को मोटिवेट करना चाहिए और बेरोजगार होने का कलंक मिटाते हुए औरों के लिए मार्गदर्शक बनने का प्रयत्न करना चाहिए।

आईडिया को फलीभूत करने के लिए रिसर्च करें-

अपनी खूबियों के अनुरुप अपने स्टार्ट अप के लिए कोई अच्छा सा आईडिया सोचिये। जैसे आप जनसंचार के विद्यार्थी हैं और आपको अपना उद्यम शुरु करना है तो आप जनसम्पर्क का उद्यम शुरु कर सकते हैं। आज नेता, उद्योगपति, अभिनेता-अभिनेत्री, बड़े-बड़े स्कूल-कॉलेज, मॉल आदि अपनी छवि निर्माण करना चाहते हैं, प्रचार-प्रसार करना चाहते हैं। ऐसे में आप लोगों की आवश्यकता को समझते हुए इस दिशा में अपनी पीआर कंपनी खोल सकते हैं। इसके लिए आपको इस दिशा में पहले से काम कर रही कंपनियों के बारे में अध्ययन-शोध करना होगा। जरुरी हो ते संबंधित कंपनी के किसी जिम्मेदार व्यक्ति से चर्चा कर सकते हैं, उस कंपनी में कुछ समय तक इंटर्नशिप कर सकते हैं या नौकरी कर सकते हैं और आवश्यक अनुभवों को लेने के बाद अपना स्टार्ट अप शुरु कर सकते हैं।

स्टार्ट अप शुरु करने के लिए स्थान और आवश्यक पूंजी का करें प्रबंध –

अपना स्टार्ट अप शुरु करने के लिए जगह और आवश्यक पैसों की व्यवस्था होनी चाहिए। जगह या पैसा बहुत ज्यादा हो यह कोई ज़रुरी नहीं है बल्कि आपकी क्षमता अनुसार आपकी पहुंच में ही होनी चाहिए। इसके लिए आप अपने परिवार, मित्र या सरकारी योजनाओं की मदद ले सकते हैं। कोई जगह तय कर लेने के बाद आप वहां बैठकर अपने आईडिया पर काम करना शुरु कर सकते हैं। एकाग्रचित्त और समर्पित होकर आप अपने आईडिया पर काम करेंगे तो आपका आगे बढ़ना तय है।
अपने उद्यम का नाम तय करें, सोशल मीडिया का लाभ उठाएं-
इसके लिए आपको पहले से चले आ रहे लोकप्रिय उत्पादों, सेवाओं के नाम के बारे में अध्ययन करना चाहिए। आपको अपने बिजनेस या ब्रांड का नाम तय करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि यह नाम आपके काम के अनुरुप हो। यह छोटा हो और सबसे अलग यानी यूनिक भी हो। नाम के साथ-साथ टैग लाइन भी सोचनी चाहिए। जैसे-कोका कोला कंपनी की टैग लाइन है- ‘ठंडा मतलब कोका कोला’, आज तक न्यूज चैनल का टैग लाइन है- ‘सबसे तेज’ या एबीपी न्यूज चैनल का टैग लाइन है ‘आपको रखे आगे’। इस तरह के नाम और टैग लाइन से आप लोगों के दिलों-दिमाग में बस जाते हैं और जब भी लोगों को अपना काम कराना होगा तो सबसे पहले उन्हें आपका नाम याद आएगा। बाजार में अपना नाम स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का पूरा उपयोग करें।

उद्यम का ढांचा सोंचे और उसे साकार करें-

आपने अपना उद्यम सोच लिया है तो उसके माध्यम से आप किन सेवाओं या उत्पादों को उपलब्ध कराएंगे, किन्हें उपलब्ध कराएंगे, अपने टार्गेट कस्टमर तक कैसे पहुंचेंगे या उन्हें अपने तक कैसे लाएंगे, इसमें आपको किन लोगों की मदद की आवश्यकता होगी या आपको कितने स्टॉफ रखने होंगे, इन सभी बातों पर विचार करें और उन्हें साकार करें। संकोच करने या अनावश्यक विलंब करने से आप अपने आईडिया को साकार नहीं कर सकेंगे और इस तरह के उद्यम में आपसे पहले ही कई प्रतिद्वंद्वी खड़े हो जाएंगे।

टीम भावना से काम करें-

अपना उद्यम शुरु करने में आप अपने समान विचारों वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की मदद ले सकते हैं। यह मदद उद्यम की स्थापना से लेकर इसके संचालन तक में हो सकती है। इससे आपको आर्थिक मदद, सही सलाह और कार्य संचालन में सहूलियत मिलती रहेगी। कुल मिलाकर टीम भावना के तहत काम करना होगा और इसके लिए ज़रुरी है कि पैसा लगाने में किसकी कितनी हिस्सेदारी होगी, किसके जिम्मे कौन सा काम होगा और किसका कितना लाभांश होगा यह स्पष्ट रुप तय कर लिया जाए। उपरोक्त विचारों को अगर व्यवहार में लाया जाए तो कोई भी स्टार्ट अप शुरु किया जा सकता है और स्वयं के साथ-साथ देश के विकास में भागीदारी की जा सकती है।

Shares
Total Page Visits: 94 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may have missed

error: Content is protected !!