कानपुर में पत्रकारिता करना पड़ा भारी , खुलेआम मारने की मिली धमकी

Spread the love

 

कानपुर : उत्तर प्रदेश सरकार दावा करती है कि वह प्रदेश में दबंगई और गुंडई खत्म कर देंगे। प्रदेश की जनता का तो पता नहीं लेकिन अब प्रदेश में पत्रकारिता करना जरूर भारी पड़ता है। अगर आपने किसी के खिलाफ खबर चलाई तो वह है आपको जान से भी मार सकता है। न्याय की आवाज उठाना आपको कभी भी भारी पड़ सकता है यह है आज के प्रशासनिक दौर में पत्रकारों की सुरक्षा। यह हम कह रहे हैं वह बिल्कुल सत्य है। कुछ दिनों पहले कानपुर में एक पत्रकार ने एक खबर चलाई जिस पर कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने पहले तो पत्रकार को धमकाया की खबर हटा दो। उसके बाद जब पत्रकार नहीं माना तो फिर दबंग लोगों ने उसको औकात सिखाने की बात कह डाली। और तो और गालियां देते हुए अपशब्द कहे। आपको पता ही होगा देश में मीडिया को चौथा स्तंभ कहा जाता है। लेकिन प्रदेश में बढ़ रही दबंगई और तो और कानपुर में तो जमकर बढ़ रही दबंगई से चौथा स्तंभ खतरे में होता जा रहा है।

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के किदवई नगर ई ब्लॉक के निवासी अनुज जैन पुत्र प्रदीप जैन जो कि एक पत्रकार हैं। उन्होंने कुछ दिन पूर्व एक खबर प्रसारित की थी जिसके बाद उनको जोरो जोरो से धमकियां मिलने लगी। मामला यहीं नहीं रुका उनको धमकी के साथ-साथ दबंग और हिस्ट्रीशीटर लोगों ने खबर चलाने के लिए मारने की भी धमकी दे डाली। फोन करके आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया गया।

आपको बता दें कि पत्रकार अनुज जैन ने 29 जनवरी को एक खबर चलाई थी। जिसके कारण आंशू भदौरिया , डिंपल राय एवं निशू व उनके कुछ अज्ञात साथी घर के बाहर आकर देर रात गाली-गलौज और हाथापाई करी और पत्रकार को जान से मारने की भी धमकी दी और अनुज जैन को चेतावनी दी गई कि अगर वह खबर को नहीं हटाएंगे तो वह अपनी जान से हाथ धो लेंगे। मामला गंभीर देखते हुए पत्रकार ने डायल 112 पर सूचना दी परंतु उपरोक्त व्यक्ति तब तक मौके से फरार हो गए। इसके बाद पत्रकार ने किदवई नगर में एक प्रार्थना पत्र दिया। उसके बाद आंशू भदोरिया डिंपल रॉय, निशु को चौकी बुलाया गया और दोनों पक्षों का समझौतानामा भी करा दिया। परंतु उसके बाद भी यह लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और अभी भी पत्रकार के घर के सामने आकर भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की भी धमकी देते हैं।

 

वहीं सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि धमकी देने वाले युवक पहले से हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में शामिल हैं फिलहाल पत्रकार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है अब देखना यह होगा कि प्रशासन एक कलम के साथी को सुरक्षा प्रदान कर पाता है या नहीं।

Shares
Total Page Visits: 254 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may have missed

error: Content is protected !!