भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर की हिस्ट्रीशीट IPS अनंतदेव ने समाप्त की, बिकरु कांड की जांच में फंसे हैं

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भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर की हिस्ट्रीशीट IPS अनंतदेव ने समाप्त की, बिकरु कांड की जांच में फंसे हैं

 

 

बिकरू कांड की जांच में फंसे आईपीएस अनंत देव के कारनामे खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। दैनिक भास्कर ने पड़ताल के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर की हिस्ट्रीशीट खत्म करने का खुलासा किया था। अब आगे की पड़ताल में सामने आया है कि कानपुर के पूर्व डीआईजी अनंत देव ने सत्ता के रसूख पर संदीप ठाकुर की हिस्ट्रीशीट मानकों को दरकिनार करके खत्म कर दी थी।

 

थानेदार से लेकर डीआईजी ने सत्ता का दबाव और घूस के आगे आंख बंद करके एक के बाद एक रिपोर्ट लगाते चले गए। अनंत देव के आदेश के बाद बर्रा पुलिस ने उसका अपराधिक कच्चा चिट्‌ठा जला दिया है। अब वह पुलिस की नजर में अपराधी नहीं है। उसकी हर महीने पुलिस मॉनीटरिंग नहीं करेगी। कमिश्नर असीम अरुण की प्राथमिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है।

 

न उम्र की सीमा देखी न मुकदमों की संख्या…

किसी भी अपराधी की हिस्ट्रीशीट खत्म करने के तीन प्रमुख नियम हैं कि उसकी उम्र 60 साल से अधिक होनी चाहिए। वह बीते 10 से 15 सालों में कोई भी अपराध नहीं किया हो। किसी भी तरह से उसकी अपराध में संलिप्तता और सक्रियता नहीं होनी चाहिए। इसके बाद भी डीआईजी ने इन सभी मानकों को ताक पर रखकर संदीप की हिस्ट्रीशीट खत्म करने का आदेश जारी कर दिया। अब पूर्व डीआईजी तर्क दे रहे हैं कि संदीप सालाना 45 लाख रुपए का रिटर्न भरता है। अपराध छोड़ चुका है। जबकि डेढ़ साल पहले ही उसके खिलाफ जानलेवा हमला समेत अन्य ध्यााराओं में गंभीर मुकदमा दर्ज हुआ और हत्या, हत्या का प्रयास समेत अन्य सभी पिछले सभी मुकदमें ट्रायल पर हैं।

 

जल दिया गया संदीप का अपराधिक कच्चा चिट्‌ठा

बर्रा थाने का संदीप ठाकुर हिस्ट्रीशीटर था। बर्रा थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि संदीप का अपराधिक इतिहास बर्रा थाने के क्राइम रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट और रजिस्टर नंबर आठ से हटाकर जला दिया गया है। तत्कालीन डीआईजी अनंत देव के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी ने संदीप की हिस्ट्रीशीट को नष्ट कर दिया है। जबकि मौजूदा समय में उसके खिलाफ सात गंभीर मामले दर्ज हैं। शहर और गैरजनपद में दर्ज अन्य अपराधिक मामलों का पुलिस की लिखापढ़ी में रिकॉर्ड ही दर्ज नहीं है।

 

कमिश्नरी लागू होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवई नहीं

कानपुर में भले ही कमिश्नरी लागू हो गई हो, लेकिन भाजपा नेताओं के आगे कानून की एक नहीं चल रही है। भाजपा नेता और पूर्व में रहे अफसरों की करतूत सामने आने के बाद भी कानपुर कमिश्नर असीम अरुण ने अभी तक मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जांच का भले ही दावा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक मामले में किसी भी अफसर को कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। न ही कोई उच्च स्तरीय जांच बैठाई गई है।

 

अनंत गलतियों पर बिकरू कांड में निलंबित हुए थे अनंत देव

बिकरू कांड की जांच में सामने आया था कि सीओ के बार-बार चिट्‌ठी भेजने के बाद भी थानेदार पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके साथ ही विकास के खजांची जय बाजपेई और अनंत देव का कनेक्शन भी सामने आया था। बिकरू कांड में कानपुर के पूर्व डीआईजी अनंत देव की घोर लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बीते साल से वह निलंबित चल रहे और एक के बाद एक कारनामे सामने आने के बाद अब उनके बहाली की उम्मीद भी नहीं दिख रही है।

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